
BBA vs. BCom : क्या आपने 12वीं पास करने के बाद बीबीए और बीकॉम में से एक करना चाहते हैं लेकिन असमंजस में हैं ? आप ऐसे अकेले नहीं हैं. कॉमर्स के कई स्टूडेंट्स को बीबीए और बीकॉम में से एक चुनने में दुविधा का सामना करना पड़ता है. तो इसी तरह के स्टूडेंट को ध्यान में रखते हुए आजम या आर्टिकल लेकर आए हैं जिसमें यह बताएंगे कि आप बीयर करेंगे वाह को क्या फायदा होगा बीकॉम करेंगे आपको क्या फायदा होगा।
आज हम लोग इसी असमंजस को दूर करने के लिए बीबीए और बीकॉम के बीच के अंतर के बारे में जानेंगे. साथ ही यह भी जानेंगे कि कौन सा कोर्स करने के बाद अधिक सैलरी पैकेज वाली जॉब मिलेगी. बीबीए और बीकॉम का स्कोप क्या है.
बीबीए और बीकॉम में अंतर
बीबीए यानी बैचलर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन और बीकॉम, दोनों कोर्स पूरे भारत में काफी पापुलर हैं. दोनों ही तीन साल के अंडरग्रेजुएट कोर्स हैं. बीबीए एक बिजनेस और मैनेजमेंट पर फोकस्ड कोर्स है. साथ में फाइनेंस, मार्केटिंग और ह्यूमन रिसोर्स के बारे में भी पढ़ाया जाता है. जबकि बीकॉम अकाउंट्स, एडमिनिस्ट्रेशन, फाइनेंस और इकोनॉमिक्स की जानकारी पर अधिक जोर देता है.
इसके अलावा बीकॉम स्पेशलाइज्ड प्रोग्राम भी ऑफर करता है. जैसे कि बीकॉम अकाउंटिंग एवं फाइनेंस, बीकॉम मार्केटिंग मैनेजमेंट, बीकॉम फाइनेंस आदि. दूसरी ओर बीकॉम को एमबीए की आधारशिला माना जाता है. बीबीए में भी कई तरह के स्पेशलाइजेशन हैं. जैसे कि बीबीए मार्केटिंग, फाइनेंस, लॉजिस्टिक्स, बीबीए ऑनर्स हॉस्पिटेलिटी मैनेजमेंट, बीबीए इंटरनेशनल बिजनेस आदि.
बीकॉम क्यों करें ?
-बीकॉम उन स्टूडेंट्स के लिए बेहतर है जिनकी रुचि फाइनेंस में है.– एमकॉम, एमबीए, सीएस, सीए, सीएमएस, सीएफए जैसे कॉमर्स फील्ड से संबंधित कोर्स के लिए आधार का काम करता है.-बीकॉम का कोर्स अधिक व्यापक होने के चलते करियर के स्कोप भी अधिक हैं.
बीबीए क्यों करें ?
-बीबीए को बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन में मास्टर्स की डिग्री के लिए बेस माना जाता है.-बीबीए के दौरान अकाउंटिंग को अधिक डिटेल में पढ़ाया जाता है. इसलिए ग्रेजुएशन के बाद अकाउंटिंग फर्म में जॉब आसानी से मिल सकती है.-बीबीए को एक एंटरप्रेन्योरशिप का सेंटर माना जाता है. यह स्टूडेंट्स को अपने आईडिया विकसित करने और उन्हें बड़े प्लान में बदलने में हेल्प करता है.
बीकॉम के बाद सैलरी पैकेज
चार्टर्ड अकाउंटेंट- 6 से 7 लाख रुपये औसत सैलरी.कोस्ट आकाउंटेंट-4 से पांच लाख रुपयेकंपनी सेक्रेटरी- 7 से 8 लाख रुपयेफाइनेंशियल मैनेजर- 12 से 15 लाख तक बीबीए के बाद सैलरी पैकेज
एचआर मैनेजर- आठ से नौ लाख रुपये सालानाआपरेशन टीम लीडर- पांच से छह लाख रुपयेप्रोजेक्ट मैनेजर- औसतन 15 लाख रुपये सालाना तकबिजनेस डेवलपमेंट एग्जीक्यूटिव- चार से पांच लाख रुपये तक